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4 line shayari

kahte to doob jate hum

पल -पल उनका साथ निभाते हम !
उनके एक इशारे पर दुनियाँ छोङ जाते हम !
अरे बीच समन्दर मे धोखा दिया उन्होने !
कहते तो किनारे ही डूब जाते हम !!

dil ka zakhm har kisi ko dikhaya nahi kate

हर बात में आंसू बहाया नहीं करते !
दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते !
लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है !
दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते !!

kdam chumta hai

क़दम चूमता है "ज़माना" उसी का !
जो "अपना" नहीं, पर हुआ है "सभी" का !
चला ही नहीं जो डगर "आशिक़ी" की !
पता क्या चलेगा उसे "ख़ुदकुशी" का !!

zindagi ki trah

तू थमी है इन आँखों में यूँ नमी कि तरह !
कि चमक उठे हैं अँधेरे भी रोशनी कि तरह !
तुम्हारा ख़याल है या आसमान नज़रों में !
सिमट गया यूँ जिस्म में ज़िन्दगी की तरह !!

ek pal me zindagi bhar ki udasi

एक पल में ज़िन्दगी भर की उदासी दे गया !
वो जुदा होते हुए कुछ फूल बासी दे गया !
नोच कर शाखों के तन से खुश्क पत्तों का लिबास !
ज़र्द मौसम बाँझ रुत को बे-लिबासी दे गया !!