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4 line shayari

abhi aarman baki hai

मेरा ज़मीन गयी हैं , मेरा आसमान बाकी हैं !
की टूट कर भी मेरी जान , मेरा स्वाभिमान बाकी हैं !
तू कर ले गुस्ताखी मुझे नेस्तनाबूद करने की !
पैदा हुएँ हैं शान से , अभी कई अरमान बाकी हैं !!

mere hamsfar mere hamsfar

तेरा रंग साया बहार का, तेरा रूप आईना प्यार का !
तुझे आ नज़र में छुपा लू मैं, तुझे लग ना जाये कही नज़र !
किसी राह में, किसी मोड़ पर किसी हाल में, किसी बात पर !
कही चल ना देना तू छोड़कर, मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफ़र !!

mai khud ho jaaunga badnam

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो !
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो !
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो !!

bas hme yaad rakhna

कुछ नहीं चाहिए तुम्हारी-एक मुस्कान हीं काफ़ी हैं !
तुम दिल में बसें रहों-यें अरमान हीं काफीं हैं !
हम यें तों नहीं कहतें कि,हमारें पास आ जाओं !
बस हमें याद रखना,यें एहसास हीं काफीं हैं !!

taqdir ne jaise chaha waise dhal gae hum

तक़दीर ने जैसे चाहा वैसे ढल गए हम !
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम !
किसी ने विश्वास तोडा तो कभी किसी ने दिल !
और लोगो को लगता है की बदल गए हम !!