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4 line shayari

ye mat kahna

ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा !
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा !
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज़ रखे हैं !
तुम्हारी नफरतों की पीड़ को ज़िंदा नहीं रखा !!

wo lamhe talash karti hoon

दिल में दद॔ के पुरजे तलाश करती हूँ !
तुम्हारे प्यार के टुकड़े तलाश करती हूँ !
तमाम रात पर्दे हटा के,चाँद के साथ !
जो खो गये हैं, वो लम्हे तलाश करती हूँ !!

tumhari har ada mohabbat si lagti hai

तुम्हारी हर अदा मुहब्बत सी लगती है !
एक पल की जुदाई भी मुद्दत सी लगती है !
कहना तो नहीं चाहते थे पर फिर भी कहते है !
जिन्दगी के हर लम्हें में आपकी जरूरत सी लगती है !!

ishq ki rah me manmarzi nahi chalti

खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं !
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं !
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर !
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !!

saza lagti hai zindagi bin tere zine me

सज़ा लगती है मुझको ज़िन्दगी बिन तेरे जीने में !
जुदाई ज़हर है जैसे कि सावन के महीने में !
हमे आदत ही ऐसी ज़िन्दगी में हो गई अब तो !
मज़ा आता नही हमको बिना ज़ख़्मो के जीने में !!