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4 line shayari

tera mera sath rahe

दर्द की शाम हो या सुख का सवेरा हो !
सब गवांरा है मुझे साथ बस तेरा हो !
जीते जी मर के भी हाथ में हाथ रहे !
तेरा मेरा साथ रहे धूप हो छाया हो !!

bina bole samajh jati hoon mai

हम भी है कुछ अधूरे से तेरे बिना !

इतना की अलफ़ाज़ में नही बोल सकते !

बिना बोले समझ जाती है तू मुझे !

इसी सुकून से जी रहा हु आज भी यहा !!

dil ke tootne se hoti nahi aawaz

दिल के टूटने से नही होती है आवाज़ !

आंसू के बहने का नही होता है अंदाज़ !

गम का कभी भी हो सकता है आगाज़ !

और दर्द के होने का तो बस होता है एहसास !!

hum kha aapko baar baar milenge

जिन्दगी की राहों में बहुत से यार मिलेगें !
हम क्या हमसे भी अच्छे हजार मिलेगें !
इन अच्छों की भीड में हमे ना भूला देना !
हम कहॉ आपको बार बार मिलेगें !!

hum phool bankar teri raho pe bikhar jaaenge

वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें !
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे !
कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से !
हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे !!