www.poetrytadka.com



Two Lines shayari

koi apna rooth naa jaae

कई बार गलती के बिना गलती मान लेते है हम !
क्यूकी डर लगता है कोई अपना रूठ ना जाए !!

karlo hisab apne hisab se

तु कर ले हिसाब अपने हिसाब से.लेकीन !
उपर वाला लेगा हिसाब अपने हिसाब से !!

palko pe ruka hai

पलको पर रुका है समुन्दर खुमार का !
कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का !!

Masroof Bahot Ho

किसी को बताना न की भुला दिया तुमने !
हम तो लोगों से यही कहते हैं की तुम मसरूफ बहुत हो !!

lakh dag kyu naa ho

लाख दाग क्यों ना हो दामन में पर चोर मेरे मन में तो नही !
अगर ना समझे वो इस बात को तो मेरे इश्क के काबिल वो नही !!