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aap bhi sje rahna

उदास चेहरे कोई भी नहीं पढ़ा करता !
नुमाइशों की तरह आप भी सजे रहना !!

ye aur bat hai

ये बात और है के तक़दीर लिपट के रोई वरना !
बाज़ू तो हमनें तुम्हे देख कर ही फैलाए थे !!

aznabi ban kar gujar jana accha hai

जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का !
वहां से अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा है !!

pahla kdam kon

फासला अब भी दो कदमों का ही है !
पहले कदम कौन बढ़ाये, तय ये नही है !!

apna hote huae

जुर्म समझो तो नोच लो यह आँखे !
ख्वाब में देखा है तुम्हे अपना होते हुए !!