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Two Lines shayari

kya shonchoo

सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचुँ !

अभी तक इस सोच में हुँ कि औरक्या सोचुँ !!

kaam aasan bhi humse

भुल जाना उसे मुश्कील तो नहीं है लेकिन !
काम आसान भी हम से कहां होते है !!

hme pta hai

हमें पता है.तुम. कहीं और के मुसाफिर हो !
हमारा शहर तो.. बस यूँ ही. रास्ते में आया था !!

jo duhai nahi deta

मैं जुर्म-ए-ख़मोशी की सफ़ाई नहीं देता !
ज़ालिम उसे कहिए जो दुहाई नहीं देता !!

uski yado me

खुदा जाने कशीश कैसी है, उस की यादों में !
मै जरा जिक्र छेडुं तो हवांए रक्स करती है !!