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sadak pe kisan khade hai

कहाँ छुपा के रख दूँ मैं अपने हिस्से की शराफत !
जिधर भी देखता हूँ उधर बेईमान खड़े हैं !
क्या खूब तरक्की कर रहा है अब देश देखिये !
खेतों में बिल्डर... सड़क पर किसान खड़े हैं !!