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mushkile dilke irade ko aazmati hai

मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती हैं !
स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती हैं !
हौसला मत हार गिर कर ओ मुसाफिर !
ठोकरें इन्सान को चलना सिखाती हैं !!