नमस्कार मित्रों:- जैसा की पोएट्री तड़का वेबसाइट पे आप डेली हिंदी के पोस्ट पढ़ते हैं जो की सिर्फ शायरी और सुविचार के लिए होते थे. लेकिन अब इस पेज पे सिफर आपको हिंदी कहानिया ही पढने को मिलेंगी. जो की हर टॉपिक्स पे होगी उदारहरण के लिए, love story, motivational story, inspirational story ये सब कहानियां जो की हिंदी में आपको रीड करने को मिलती रहेंगी.
धन्यवाद्
(Poetrytadka) Lafzon ki zubaan

A real love story in hindi

सच्चा प्यार कभी भी और कहीं भी हो सकता है| प्यार एक ऐसा एहसास है, जो बिन कहे भी सब कुछ कह जाता है| जब किसी को प्यार होता है| तो वह यह नही सोचता की इसका अंत क्या होगा| और ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि वह इन्सान किसी के प्यार में इतना खो जाता है कि बस प्यार के अलावा उसे कुछ दिखाई नही देता है|” दोस्तों मैं आपको सच्चा प्यार करने वाले एक प्रेमी जोड़े की कहानी बताने जा रहा हूँ जो कि मुझे उम्मीद है आपके दिल छू जायेगी| एक लड़का था| वह एक लड़की से बहुत प्यार करता था| वह उस लड़की के लिए कुछ भी कर सकता था| पर दिक्कत यह थी कि लड़का बहुत गरीब घर से था जबकि लड़की बहुत अमीर थी| और वहीँ दूसरी दिक्कत यह थी कि लड़का अलग जाति का था| इस वजह से दोनों के प्यार मे बहुत कठिनाई आ रही थी| वह लड़का उस लड़की से अक्सर पूछता है “क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” लड़की जवाब देती है “मै तो तुमसे शादी करना चाहती हूँ, पर मेरे घर वाले कभी राजी नही होंगे और मै भाग कर शादी नहीं कर सकती हूँ| यह समाज बहुत बुरा है| हमें जीने नही देगा|” और लड़के उससे कहता है “ठीक है! जब मैं अपने पैरो पर खड़ा हो जाऊंगा तो तुम्हारे पापा से तुम्हारा हाथ मागूँगा|” लड़की हंसकर कहती है “शादी में क्या रखा है? क्या शादी के बाद मेरे दिल में तुम्हारा प्यार कम हो जायेगा?”| यह सुनकर लड़का सोच में पड़ जाता है, मगर वह जैसे-तैसे हंसकर जवाब देता है “क्या तुम मुझे शादी के बाद भूल जाओगी?” इसपर लड़की का जवाब होता है “ऐसा कभी नही होगा और मेरी सांसे रुक सकती पर मेरा प्यार तुम्हारे लिए कम नही होगा|”
समय बीतता गया| कुछ समय बाद लड़क़ी के घर वाले उसके लिए लड़का देखने लगे| और सच्चाई जानने के बाद वह लड़का जो कि उस लड़की से बहुत प्यार करता था, वह उस लड़की के दिल में अपने लिए नफरत भरने लगा| वह जानबूझकर ऐसा करता था ताकि वह लड़की उससे बहुत नफरत करने लगे| और ठीक वैसा ही हुआ जैसा वह लड़का चाहता था| उस लड़के ने कुछ ऐसा किया, जिससे लड़की उससे नफरत करने लगी| उस लड़की की शादी किसी और से तय कर दी गई| पर वह अन्दर ही अन्दर बहुत दुखी थी| क्यूंकि वह लड़के को बिलकुल भी नहीं भुला पा रही थी|

जिस दिन उस लडकी की शादी थी उसी दिन उस लड़के ने उस लड़की की छोटी बहन को फोन किया और कहा “मै जो कुछ भी कहूँ, वह सब अपने फ़ोन में रिकॉर्ड कर लेना| जब तुम्हारी बड़ी बहन आए तो उसे यह रिकॉर्डिंग सुना देना| उस लड़की की शादी हो गयी और वह शादी के दो दिन बाद अपने घर आती है| उसकी बहन कहती है “दीदी आपको कुछ सुनाना है|” वह लड़की हंसकर कहती है “क्या? चल सुना!” जैसे ही वो फ़ोन चलाती है| उसमे से रोने की अवाज आती है, वह अपनी बहन से कहती है “ये आवाज तो हर्ष लग रही है|” छोटी बहन कहती है “दीदी जिस दिन आपकी शादी थी, उसी दिन आपके हर्ष का फोन आया था और बहुत रो रहा था| आप खुद ही सुनिए की वह क्या कह रहा था|”

फ़ोन की रिकॉर्डिंग चलाने पर हर्ष रो-रोकर कह रहा था “रीना मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, और अपने जीते जी तुम्हारी शादी किसी और के साथ होते नही देख सकता हूँ| क्योकि मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है और मै अब बस यही चाहता हूँ कि तुम अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ो और खुश रहो| मैं तुम्हे कभी भूल नही सकता मेरी जान|” इतना कहकर फोन कट जाता है| हर्ष की यह बात सुनकर वह बहुत रोती है और अपनी बहन पर चिल्लाती है “तूने मुझे उसी दिन क्यों नहीं बताया जब फ़ोन आया था|” छोटी बहन जवाब देती है”मैं क्या करती, मैं तो कसमों के धागे मे बंधी थी| मै कर भी क्या सकती थी?” वह अपनी बहन को उसी नम्बर पर फोन लगाने के लिए कहती है जिससे हर्ष ने फ़ोन किया था|

छोटी बहन पूछती है “क्यों दीदी?” परन्तु वह छोटी बहन को बहुत गुस्से में डांट देती है और गुस्से मे कहती है “चल फोन लगा” वह जल्दी से फोन लगाती है| घण्टी जाती है, दूसरी तरफ फोन उठता है और उधर से आवाज आती है
“हेल्लो,
“हेल्लो, आंटी जी हर्ष कहाँ है?”
हर्ष की माँ रोने लगती और कहती है “बेटी हर्ष इस दुनिया मै नही रहा| वह चोंक जाती है| और पूछती है “आंटी यह सब कब हुआ और कैसे? हर्ष की माँ कहती है “पता नही मेरे हर्ष ने अपनी ज़िन्दगी को अपने आप से दूर कर डाला कसम खा ली किसी से शादी नहीं करूँगा
लड़की : “आंटी जी कब?”
हर्ष की माँ : “19 मार्च को|”
यह सब सुनकर वह लड़की फोन कट कर देती है|” पता है दोस्तों 19 मार्च क्या था? उसकी प्रेमिका रीना की शादी थी| यह सब सुनकर वह बहुत रोयी और रो-रोकर कहने लगी मैंने अपने हर्ष पर विश्वास क्यों नही किया| अगर मैं उसपर विश्वास कर लेती तो मेरा हर्ष इस तरह जिंदा होकर भी मुर्दा नहीं होता | “लोग मंजिल को मुश्किल समझते हैं|
बड़ा फर्क है लोगो में और हम में, लोग जिन्दगी को दोस्त, और हम दोस्त को जिन्दगी समझते हैं| दोस्तों विश्वास बहुत बड़ी चीज होती है| हमें अपनों पर भरोसा करना चाहिए| ताकि जो हर्ष के साथ हुआ वैसा किसी के साथ न हो| अगर प्यार करो तो निभाना भी चाहिए| क्यूंकि प्यार वह अहसास है, जो हमे जीने की वजह देता है| अगर इस दुनिया में प्यार नही तो कुछ भी नही| प्यार अमीरी-गरीबी देखकर नही होता है| प्यार तो कभी भी हो सकता है, इसलिए हमे अपने प्यार पर भरोसा होना चाहिए| क्यूंकि “सच्चा प्यार बहुत मुश्किल से मिलता है|
लेकिन आजकल के लोग बस मजाक करते है प्यार नहीं ..........

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hindi inspirational story sms

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं
उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी बरनी ( जार ) टेबल पर रखा और उसमें टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद समाने की जगह नहीं बची
उन्होंने छात्रों से पूछा - क्या बरनी पूरी भर गई ?
हाँ ... आवाज आई
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने छोटे - छोटे कंकर उसमें भरने शुरु किये धीरे - धीरे बरनी को हिलाया तो काफ़ी सारे कंकर उसमें जहाँ जगह खाली थी , समा गये ,
फ़िर से प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा , क्या अब बरनी भर गई है , छात्रों ने एक बार फ़िर हाँ ... कहा अब प्रोफ़ेसर साहब ने रेत की थैली से हौले - हौले उस बरनी में रेत डालना शुरु किया , वह रेत भी उस जार में जहाँ संभव था बैठ गई , अब छात्र अपनी नादानी पर हँसे
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा , क्यों अब तो यह बरनी पूरी भर गई ना ? हाँ .. अब तो पूरी भर गई है .. सभी ने एक स्वर में कहा .. सर ने टेबल के नीचे से चाय के दो कप निकालकर उसमें की चाय जार में डाली , चाय भी रेत के बीच स्थित थोडी सी जगह में सोख ली गई
प्रोफ़ेसर साहब ने गंभीर आवाज में समझाना शुरु किया इस काँच की बरनी को तुम लोग अपना जीवन समझो .... टेबल टेनिस की गेंदें सबसे महत्वपूर्ण भाग अर्थात भगवान , परिवार , बच्चे , मित्र , स्वास्थ्य और शौक हैं , छोटे कंकर मतलब तुम्हारी नौकरी , कार , बडा़ मकान आदि हैं , और रेत का मतलब और भी छोटी - छोटी बेकार सी बातें , मनमुटाव , झगडे़ है
अब यदि तुमने काँच की बरनी में सबसे पहले रेत भरी होती तो टेबल टेनिस की गेंदों और कंकरों के लिये जगह ही नहीं बचती , या कंकर भर दिये होते तो गेंदें नहीं भर पाते , रेत जरूर आ सकती थी
. ठीक यही बात जीवन पर लागू होती है
यदि तुम छोटी - छोटी बातों के पीछे पडे़ रहोगे और अपनी ऊर्जा उसमें नष्ट करोगे तो तुम्हारे पास मुख्य बातों के लिये अधिक समय नहीं रहेगा ...
मन के सुख के लिये क्या जरूरी है ये तुम्हें तय करना है । अपने बच्चों के साथ खेलो , बगीचे में पानी डालो , सुबह पत्नी के साथ घूमने निकल जाओ , घर के बेकार सामान को बाहर निकाल फ़ेंको , मेडिकल चेक - अप करवाओ
टेबल टेनिस गेंदों की फ़िक्र पहले करो , वही महत्वपूर्ण है ... पहले तय करो कि क्या जरूरी है ... बाकी सब तो रेत है .. छात्र बडे़ ध्यान से सुन रहे थे
अचानक एक ने पूछा , सर लेकिन आपने यह नहीं बताया कि " चाय के दो कप " क्या हैं ?
प्रोफ़ेसर मुस्कुराये , बोले .. मैं सोच ही रहा था कि अभी तक ये सवाल किसी ने क्यों नहीं किया
इसका उत्तर यह है कि , जीवन हमें कितना ही परिपूर्ण और संतुष्ट लगे , लेकिन अपने खास मित्र के साथ दो कप चाय पीने की जगह हमेशा होनी चाहिए

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inspirational messages

inspirational messages

एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था।*
*जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड के पास पहुच जाता।*
*पेड के उपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की छाया मे सो जाता।*
*उस बच्चे और आम के पेड के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया।*
*बच्चा जैसे-जैसे बडा होता गया वैसे-वैसे उसने पेड के पास आना कम कर दिया।*
*कुछ समय बाद तो बिल्कुल ही बंद हो गया।*
*आम का पेड उस बालक को याद करके अकेला रोता।*
*एक दिन अचानक पेड ने उस बच्चे को अपनी तरफ आते देखा और पास आने पर कहा,*
*"तू कहां चला गया था? मै रोज तुम्हे याद किया करता था। चलो आज फिर से दोनो खेलते है।"*
*बच्चे ने आम के पेड से कहा,*
*"अब मेरी खेलने की उम्र नही है*
*मुझे पढना है,लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नही है।"*
*पेड ने कहा,*
*"तू मेरे आम लेकर बाजार मे बेच दे,*
*इससे जो पैसे मिले अपनी फीस भर देना।"*
*उस बच्चे ने आम के पेड से सारे आम तोड़ लिए और उन सब आमो को लेकर वहा से चला गया।*
*उसके बाद फिर कभी दिखाई नही दिया।*
*आम का पेड उसकी राह देखता रहता।*
*एक दिन वो फिर आया और कहने लगा,*
*"अब मुझे नौकरी मिल गई है,*
*मेरी शादी हो चुकी है,*
*मुझे मेरा अपना घर बनाना है,इसके लिए मेरे पास अब पैसे नही है।"*
*आम के पेड ने कहा,*
*"तू मेरी सभी डाली को काट कर ले जा,उससे अपना घर बना ले।"*
*उस जवान ने पेड की सभी डाली काट ली और ले के चला गया।*
*आम के पेड के पास अब कुछ नहीं था वो अब बिल्कुल बंजर हो गया था।*
*कोई उसे देखता भी नहीं था।*

*पेड ने भी अब वो बालक/जवान उसके पास फिर आयेगा यह उम्मीद छोड दी थी।*

*फिर एक दिन अचानक वहाँ एक बुढा आदमी आया। उसने आम के पेड से कहा,*

*"शायद आपने मुझे नही पहचाना,*
*मैं वही बालक हूं जो बार-बार आपके पास आता और आप हमेशा अपने टुकड़े काटकर भी मेरी मदद करते थे।"*
*आम के पेड ने दु:ख के साथ कहा,*
*"पर बेटा मेरे पास अब ऐसा कुछ भी नही जो मै तुम्हे दे सकु।"*
*वृद्ध ने आंखो मे आंसु लिए कहा,*
*"आज मै आपसे कुछ लेने नही आया हूं बल्कि आज तो मुझे आपके साथ जी भरके खेलना है,*
*आपकी गोद मे सर रखकर सो जाना है।"*
*इतना कहकर वो आम के पेड से लिपट गया और आम के पेड की सुखी हुई डाली फिर से अंकुरित हो उठी।*
*वो आम का पेड़ हमारे माता-पिता हैं।*
*जब छोटे थे उनके साथ खेलना अच्छा लगता था।*
*जैसे-जैसे बडे होते चले गये उनसे दुर होते गये।*
*पास भी तब आये जब कोई जरूरत पडी,*
*कोई समस्या खडी हुई।*
*आज कई माँ बाप उस बंजर पेड की तरह अपने बच्चों की राह देख रहे है।*
*जाकर उनसे लिपटे,*
*उनके गले लग जाये*
*फिर देखना वृद्धावस्था में उनका जीवन फिर से अंकुरित हो उठेगा

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real life inspirational stories in hindi me

नई नवेली दुल्हन जब ससुराल में आई तो उसकी सास बोली : बींदणी कल माता के मन्दिर में चलना है
बहू ने पूछा : सासु माँ एक तो ' माँ ' जिसने मुझ जन्म दिया और एक ' आप ' हो और कोन सी माँ है ? सास बडी खुश हुई कि मेरी बहू तो बहुत सीधी है
सास ने कहा - बेटा पास के मन्दिर में दुर्गा माता है सब औरतें जायेंगी हम भी चलेंगे । सुबह होने पर दोनों एक साथ मन्दिर जाती है । आगे सास पीछे बहू ।
जैसे ही मन्दिर आया तो बहू ने मन्दिर में गाय की मूर्ति को देखकर कहा : माँ जी देखो ये गाय का बछड़ा दूध पी रहा है , मैं बाल्टी लाती हूँ और दूध निकालते है ।
सास ने अपने सिर पर हाथ पीटा कि बहू तो " पागल " है और बोली :- बेटा ये स्टेच्यू है और ये दूध नही दे सकती। चलो आगे ।
मन्दिर में जैसे ही प्रवेश किया तो एक शेर की मूर्ति दिखाई दी । फिर बहू ने कहा - माँ आगे मत जाओ ये शेर खा जायेगा सास को चिंता हुई की मेरे बेटे का तो भाग्य फूट गया । और बोली - बेटा पत्थर का शेर कैसे खायेगा ?
चलो अंदर चलो मन्दिर में, और सास बोली - बेटा ये माता है और इससे मांग लो , यह माता तुम्हारी मांग पूरी करेंगी । बहू ने कहा - माँ ये तो पत्थर की है ये क्या दे सकती है ? , जब पत्थर की गाय दूध नही दे सकती ?
पत्थर का बछड़ा दूध पी नही सकता ? पत्थर का शेर खा नही सकता ? तो ये पत्थर की मूर्ति क्या दे सकती है ? अगर कोई दे सकती है तो आप ......... है " आप मुझे आशीर्वाद दीजिये " । तभी सास की आँखे खुली ! वो बहू पढ़ी लिखी थी, तार्किक थी, जागरूक थी ,
तर्क और विवेक के सहारे बहु ने सास को जाग्रत कर दिया ! अगर मानवता की प्राप्ति करनी है तो पहले असहायों , जरुरतमंदों, गरीबो की सेवा करो परिवार, समाज में लोगो की मदद करे । "अंधविश्वास और पाखण्ड को हटाना ही मानव सेवा है " ।
बाकी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च तो मानसिक गुलामी के केंद्र हैं ना कि ईश्वर प्राप्ति के
मानव का सफर पत्थर से शुरु हुआ था। पत्थरों को ही महत्व देता है और आज पत्थर ही बन कर रह गया
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1. चूहा अगर पत्थर का तो उसको पूजता है। (गणेश की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित चूहा दिख जाये तो पिंजरा लगाता है और चूहा मार दवा खरीदता है।
2.सांप अगर पत्थर का तो उसको पूजता है। (शंकर का कंठहार मानकर)
लेकिन जीवित सांप दिख जाये तो लाठी लेकर मारता है और जबतक मार न दे, चैन नही लेता। 3.बैल अगर पत्थर का तो उसको पूजता है। (शंकर की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित बैल(सांड) दिख जाये तो उससे बचकर चलता है ।
4.कुत्ता अगर पत्थर का तो उसको पूजता है। (शनिदेव की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित कुत्ता दिख जाये तो 'भाग कुत्ते' कहकर अपमान करता है। हे मानव!
पत्थर से इतना लगाव क्यों और जीवित से इतनी नफरत क्यों?
अगर आप को इस पोस्ट में कुछ सत्य लगा हो तो आगे शेर करे - अगर आप के भावनाओ को चोट पहुची हो तो माफ़ी चाहता हूँ

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love letter

इतना Sweet Love Letter" कभी नई पढ़ा होगा
वेलेंटाइन पर मंगरु का लिखा खत
मेरी करेजा"...
वेलेंटाइन बाबा के कसम ई लभ लेटर मैं डेहरी पर चढ़कर लिख रहा हूँ
डीह बाबा काली माई के कसम आज तीन दिन से मोबाइल में टावरे नहीं पकड़ रहा था...
ए करेजा".. रिसियाना मत
मोहब्बत के दुश्मन खाली हमरे तुम्हरे बाउजी ही नहीं हैं
यूनिनार औ एयरसेल वालें भी हैं"...😞"....
जब फोनवा नहीं मिलता है तो मनवा करता है कि गढ़ही में कूद कर जान दे दें
अरे इन सबको आशिक़ों के दुःख का क्या पता रे"..😒
हम चार किलो चावल बेच के नाइट फ्री वाला पैक डलवाये थे...
लेकिन हाय रे नेटवर्क"....कभी कभी तो मन करता है"...
की चार बीघा खेत बेचकर दुआर पर एक टावर लगवा लें".... आ रात भर तुमसे बतियावें"....😊
तुमको पता है जब जब सरसो का खेत देखता हूँ न तब तब तुम्हाई बहुते याद आवत है
लगता है तुम हंसते हुए दौड़कर मेरे पास आ रही हो....मन करता है ये सरसों का फूल तोड़कर तुम्हारे जूड़े में लगा दूँ
आ जोर से कहूं..."आई लव यू करेजा"....
अरे अब गरीब लड़के कहाँ से सौ रुपया का गुलाब खरीदेंगे
जानती हो हवा एकदम फगुनहटा बह रही है... तुम तो घर से निकलती नहीं हो
यहाँ मटर, चना जौ के पत्ते सरसरा रहे हैं...रहर और लेतरी आपस में बतिया रहे हैं
मन करता है खेत में ही तुम्हारा दुपट्टा बिछाकर सो जाऊं आ सीधे होली के बिहान उठूँ
उस दिन चंदनिया के बियाह में तुम आई थी न".... हम देखे थे तुम केतना खुश थी...
करिया सूट में एकदम फूल गोभी जैसन लग रही थी...😍
तुमको पता है तुमको देखकर हम दू घण्टा नागिन डांस किये थे"...☺
बाकी सब ठीके है रात दिन तुम्हारी याद आती है पागल का हाल हो गया है
रहा नहीं जा रहा तेरह को बनारस में भरती है
देखो बरम बाबा का आशीर्वाद रहा तो मलेटरी में भरती होकर तुमसे जल्दी बियाह करेंगे...
हम नहीं चाहते की तुम्हारा बियाह किसी बीटेक्स वाले से हो जाए
और हमको तुम्हारे बियाह में रो रोकर पूड़ी पत्तल गिलास चलाना पड़े
आगे सब कुशल मंगल है"..... तु आपन खयाल रखना"....
तुमहार आशिक "....

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positive thinking in hindi story

एक माँ का इकलौता बेटा सीमा पर दुश्मनों से लड़ रहा होता है.. उसे गोली लग जाती है...... उसकी आँखें मुंदने लगती है.. तभी उसे अपनी बूढ़ी, अकेली माँ का ख्याल आता है.. वो माँ को ख़त लिखता है..क्या लिखता है जरा गौर करें
ऐ माँ किस मुंह से तुझको मैं,अपनी हालत को बतलाऊँ,, इतनी भी साँस नहीं बाकी, कि तुझे अलविदा कह पाऊँ,, भारत माँ पर हथियार उठे, तो बेटा चुप न रह पाया,, जब तक थी साँस , नहीं आगे कोई भी दुश्मन टिक पाया,,
जाते जाते इक बात ,मेरे दिल में थोड़ी सी चुभती हैं,, कि देश का कर्ज किया पूरा, पर दूध का कर्ज न भर पाया,, इक माँ की लाज बचाने में, इक माँ को दर्द न दे जाऊँ,, इतनी भी साँस नहीं बाकी, कि तुझे अलविदा कह पाऊँ,,
ख़त माँ को मिलता है.. वो उसे पढ़ती है पर एक आँसू आँख में नहीं लाती...... माँ क्या कहती है आप पढ़िए.. और उस महान, बलिदानी माँ के लिए एक Share जरूर करिए.... माँ के लफ्ज-
मेरे लल्ला ! तेरे जैसे बेटों पे माँ बलिहारी है,, अपनी ममता से भी ज्यादा, मुझे देश की इज्जत प्यारी है,, मैं खुश हूँ कि तेरे कारण, कितने ही घर गुलजार हुए,, जिस ममता से पाला तुझको,अब ख़त्म वो सब उपकार हुए,, तकलीफ ये है भारत माँ पर , न्यौछावर करने की खातिर,,
क्यों एक हुआ बेटा मेरा, क्यों ना बेटे दो- चार हुए,, अब तेरी जीत का जश्न करूँ, तेरी माँ की ये तैयारी है, अपनी ममता से भी ज्यादा, मुझे देश की इज्जत प्यारी है

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behtreen hindi story

एक बार एक व्यक्ति अपनी नयी कार को बड़े प्यार से पालिश करके चमका रहा था। तभी उसकी 4 साल की बेटी पथ्थर से कार पर कुछ लिखने लगी। कार पर खरोच लगती देखकर पिता को इतना गुस्सा आया की वह बेटी का हाथ जोर से मरोड़ दिया। इतना ज़ोर से की बेटी की ऊँगली टूट गई

बाद में अस्पताल में दर्द से कराह रही बेटी पूछती है, पापा..... मेरी ऊँगली कब ठीक होगी

गलती पे पछता रहा पिता कोई जवाब नहीं दे पता। वह वापस जाता है और कार पर लातें बरसाकर गुस्सा निकलता है। कुछ देर बाद उसकी नज़र उसी खरोच पर पड़ती है, जिसकी वजह से उसने बेटी का हाथ तोडा था। बेटी ने पत्थर से लिखा था " I Love U Dad "

दोश्तों गुस्सा और प्यार की कोई सीमा नहीं होती। याद रखें चीजें इस्तेमाल के लिए होती हैं और इंसान प्यार करने के लिए। लेकिन होता इसका उलट है
आजकल लोग चीजों से प्यार करते हैं और इंसान को इस्तेमाल करते हैं

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hindi kahani story

एक व्यक्ति आफिस में देर रात तक काम करने के बाद थका-हारा घर पहुंचा दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका छोटा सा बेटा सोने की बजाय उसका इंतज़ार कर रहा है अन्दर घुसते ही बेटे ने पूछा पापा क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ हाँ -हाँ पूछो क्या पूछना है पिता ने कहा . बेटा पापा आप एक घंटे में कितना कमा लेते हैं इससे तुम्हारा क्या लेना देना तुम ऐसे बेकार के सवाल क्यों कर रहे हो पिता ने झुंझलाते हुए उत्तर दिया . बेटा – मैं बस यूँ ही जाननाचाहता हूँ . प्लीज बताइए कि आप एक घंटे में कितना कमाते हैं !

पिता ने गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए कहा नहीं बताऊंगा तुम जाकर सो जाओ “यह सुन बेटा दुखी हो गया … और वह अपने कमरे में चला गया . व्यक्ति अभी भी गुस्से में था और सोच रहा था कि आखिर उसके बेटे ने ऐसा क्यों पूछा पर एक -आध घंटा बीतने के बाद वह थोडा शांत हुआ , फिर वह उठ कर बेटे के कमरे में गया और बोला क्या तुम सो रहे हो नहीं जवाब आया .मैं सोच रहा था कि शायद मैंने बेकार में ही तुम्हे डांट दिया।दरअसल दिन भर के काम से मैं बहुत थक गया था व्यक्ति ने कहा !

सारी बेटा मै एक घंटे में १०० रूपया कमा लेता हूँ थैंक यूं पापा बेटे ने ख़ुशी से बोला और तेजी से उठकर अपनी आलमारी की तरफ गया , वहां से उसने अपने गोल्लक तोड़े और ढेर सारे सिक्के निकाले और धीरे -धीरे उन्हें गिनने लगा . “ पापा मेरे पास 100 रूपये हैं . क्या मैं आपसे आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ प्लीज आप ये पैसे ले लोजिये और कल घर जल्दी आ जाइये मैं आपके साथ बैठकर खाना खाना चाहता हूँ !

.दोस्तों इस तेज रफ़्तार जीवन में हम कई बार खुद को इतना व्यस्त कर लेते हैं कि उन लोगो के लिए ही समय नहीं निकाल पाते जो हमारे जीवन में सबसे ज्यादा अहमयित रखते हैं. इसलिए हमें ध्यान रखना होगा कि इस आपा-धापी भरी जिंदगी में भी हम अपने माँ-बाप जीवन साथी बच्चों और अभिन्न मित्रों के लिए समय निकालें, वरना एक दिन हमें अहसास होगा कि हमने छोटी-मोटी चीजें पाने के लिए कुछ बहुत बड़ा खो दिया !!

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best motivational hindi story

दो भाई समुद्र के किनारे टहल रहे थे दोनों के बीच किसी बात को लेकर कोई बहस हो गई ! बड़े भाई ने छोटे भाई की थप्पड़ मार दिया ! छोटे भाई ने कुछ नहीं कहा ! फिर रेत पर लिखा -आज मेरे भाई ने मुझे मारा ! अगले दोनों फिर से समुंदर किनारे घुमने के लिए निकले ! छोटा भाई समुन्द्र में नहाने लगा !

और अचानक डूबने लगा ! बड़े भाई ने उसे बचाया ! छोटे भाई ने पत्थर पे लिखा ! आज मेरे भाई ने मुझे बचाया ! बड़े भाई ने पुचा ! जब मेने तुझे मारा था ! तब तुमने रेत पर लिखा ! और आज तुम्हे बचाया तो पत्थर पे लिखा क्यों ! रोते हुए छोटे भाई ने कहा -जब कोई हमे दुःख दे तो हमे रेत पर लिखना चाहिए ! ताकि वो जल्दी मिट जाए !

लेकिन जब कोई हमारे लिए अच्छा करता है तो पत्थर पर लिखना चाहिए !जो मिट ना पाए ! मतलब ये है की हमे अपने साथ हुई बुरी घटना को भूल जाना चाहिए ! जब की अच्छी चाटना को सदेव {हमेशा} याद रखना चाहिए

आदमी गुस्से हो तो उसे प्यार की जरूरत होती है अगर हम भी अपना गुस्सा दिखाए तो बुरा अंजाम होता है

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Very very sad love story

Very very sad love story
लडका लडकी को फोन लगाता है
लडका-हेलो माही
लडकी-बोलो जी
लडका-i miss u माही
लडकी-i miss u to baby आज सुबह से
पता नही तुमारी याद मुझे बहुत आ रही है
लडका-(कुछ देर चुप होकर) आई लव यू माही
(तोडा रुक कर) आप क्या अभी मेरे पास आ सकते हो।
लडकी-हा मेरा दिल भी आप से मिलने को कर रहा है
लडका-मै होसपीटल मै हु जल्दी आना
लडकी-(गबराते हुए) क्या हुआ है आपको बताओ मुझे अभी
लडका- माही plzz रोना मत आप बस मेरे पास आ जाओ plzz i miss u
(लडकी तुरन्त फोन काट कर लडके के पास पहुच जाती है)
लडकी-क्या हुआ है मन को
लडके के पापा-बेटा आप मन को जानते हो
लडकी-हा मै मन की बेस्ट फ्रेण्ड हु
लडके के पापा-(रोते हुये ) मन को ब्लड कैंसर है जब तुम मन से मिलो तो उसे मत बताना कि उसे कैंसर है उसे इस बात का पता नही है
(ये सुनते ही लडकी को समझ नही आता ये कोई बुरा सपना तो नही। हे तो उसका सबसे बुरा सपना है कास ये सपना ही होता) कुछ देर बाद लडके को होश आ जाता है लडका अपने पापा से पुछता है
लडका- पापा कोई मिलने आया है क्या ?
लडके के पापा-हा बेटा तूम्हारी कोई फ्रेण्ड आई है
लडका- plzz पापा क्या मै उसे अकेले मै मिल सकता हु।
पापा- मै उसे भेजता हु लडके के पापा लडकी को बोलते है बेटा आप को मन बुला रहा है
माही सुनते ही तुरन रुम कि तरफ दोड कर जाती है
रुम के दरवाजे पर पहुच कर तोडा रुक जाती है
जैसे उसे कुछ पता ना हो।
लडकी- मन आप ठीक हो।
लडका- माही आप आ गये हो ना बस अब ठीक हु
लडकी-( रोना चाहाती है पर वो लडके के सामने अपने आप को समालती है) हा आप जल्दी ठिक हो जाहोगे
लडका- माही हमे आपके हाथ से खाना खाय दो दिन हो गये हमे आप के हाथ से खाना खाँना है
माही : हा मन हम अभी आप को खाना खिलाते हैे
लडका-(हल्की आवाज मै) माही
लडकी- हा बोलो मन
लडका-आप ने मेरा हमेशा कितना ख्याल रखा है
लडकी-अपने आसु रोक नही पाती है और रोने लगती है
लडका-क्या हुआ माही मै ठीक हु plzz मत रो हो।
लडकी-मै नही रो रही हु बस आपको मेरी उम्र लग जाये आपको कुछ नही होने दुगी( आसु पोछते हुए मन का सीर अपनी गोद मे रख लेती है)
लडका- माही आप कि गोद मै सोने को जी चाहाता है
लडकी-(आखो से आसु गिराते हुए) plzz आप ऐसा ना बोलो plzz
लडका- बस थोडी देर सो लेने दो माही बहुत सुकुन मिल रहा है, क्या पता फीर कभी ये मोका मिले ना मिले
लडकी-ठीक है सो जाओ आप कुछ देर के लीये
और लडका अपनी आंखे बंध कर लेता है
और कुछ देर बाद लडकी को महेसुस हो जाता है कि अब मेरा मन इस दुनिया मै नही है
और वो उसे फिर भी नही छोडती है और वो भी अपनी आखे बंद कर लेती है बहुत देर हो जाती है तो लडके के पापा रुम मै जाते है और देखते है कि उनका प्यारा बेटा मन उसकी बेस्ट फ्रेण्ड कि बाहो मै दम तोड चुका था और लडकी की साँसे भी थम चुकी थी दोनो एक दुसरे के साथ दम तोड देते है......

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