allama iqbal shayari

allama iqbal shayari

allama iqbal shayari quotes

allama iqbal shayari

मत कर खाक के पत्ते पर गुरूर वबे न्याजी इतनी 

खुद को खुद में झांक कर देख तुझ में रक्खा क्या है 

allama iqbal shayari

iqbal shayari quotes

iqbal shayari

हमने तन्हाई को अपना बना रक्खा 

राख के ढ़ेर ने शोलो को दबा रक्खा है 

allama iqbal shayari

allama iqbal sad shayari qoutes sms

allama iqbal sad shayari

मेरा उस शहरे अदावत में बसेरा है ऐ इकबाल 

जहाँ लोग सिजदो में लोगो का बुरा सोचते है 

allama iqbal shayari

allama iqbal best shayari quotes

allama iqbal best shayari

मुझे इश्क के पर लगा कर उड़ा 

मेरी खाक जुगनू बना के उड़ा 

allama iqbal shayari

allama iqbal quotes hindi allama iqbal shayari shikwa

allama iqbal shayari shikwa

दिल से जो बात  निकली है असर रखती है 

पर नहीं ताकत -ए-परवाज मगर रखती है 

allama iqbal shayari

mohammad allama iqbal sare jahan se acha hindustan hamara

sare jahan se acha hindustan hamara

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा 

 

ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में

समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा 

 

परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का

वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा 

 

गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ

गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा 

 

ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको

उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा 

 

मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना

हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा 

 

यूनान-ओ-मिस्र-ओ- रोमा, सब मिट गए जहाँ से

अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशाँ हमारा 

 

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा 

 

'इक़बाल' कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में

मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा 

 

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसताँ हमारा

 

allama iqbal shayari