Ahmed Faraz was a Pakistani Urdu poet.

Ahmad Faraz Shayari

Wafa tha ya na tha

उसकी वो जाने उसके पास वफ़ा था या न था !
तुम फ़राज़ अपनी तरफ से तो निभाते जाते !!

Ahmad Faraz Shayari

Wo bhi ro dega

वो भी रो देगा उसे हाल सुनाएँ कैसे !
मोम का घर है चिरोगों को जलाएं कैसे !
दूर होता तो उसे ढूंढ लेते फ़राज़ !
रूह में छुप के बैठा है उसे पाएं कैसे !!

Ahmad Faraz Shayari

tera khyaal

Tera Khyaal

शाम-ए तन्हाई में इजाफा बेचैनी !
एक तेरा ख्याल न जाना एक दूसरा तेरा जवाब न आना !!

Ahmad Faraz Shayari

ishq ka nasha

Ishq Ka Nasha

इश्क़ के नशे डूबे तो ये जाना हमने फ़राज़ !
की दर्द में तन्हाई नहीं होती.तन्हाई में दर्द होता है !!

Ahmad Faraz Shayari

Khali Hathon ko

खाली हाथों को कभी गौर से देखा है फ़राज़ !
किस तरह लोग लकीरों से निकल जाते हैं !!

Ahmad Faraz Shayari

Tamaam Umar

तमाम उम्र उसके ख्याल मेँ गुजार दी यारो !
मेरा ख्याल जिसे उम्र भर नहीं आया !!

Ahmad Faraz Shayari

usne kaisey naye haath

Usne Kaisey Naye haath

उँगलियाँ आज भी इस सोच में गुम हैं फ़राज़ !
उसने कैसे नए हाथ को थामा होगा !!

Ahmad Faraz Shayari

Gumnaam Zindagi thi

मोहब्बत मिली तो नींद भी अपनी न रही फराज !
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितना सुकून था !!

Ahmad Faraz Shayari