Zindagi shayari

To kitni bhi khoobsoorat

तु कितनी भी खुबसुरत क्यूँ ना हो एे ज़िंदगी.. खुशमिजाज़ दोस्तों के बगैर अच्छी नहीं लगती..!!

5 दिन पहले
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zindagi ke

जिन्द्गी के कुछ और पैमाने तय करो 

बस जी लेना ही ज़िन्दगी नहीं 

 

1 माह
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kyu itrata hai

वही करता और वही करवाता है ,

क्यू  बंदे  तू  इतराता  है ।

इक साँस भी नही है तेरे बस की ,

वही  सुलाता  और  जगाता  है

डूबा हुआ हूँ ना निकल पाऊँगा मैं कभी,

ख़ूबसूरत मुस्कुराहट और आँखों से तेरी.

1 माह
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zindagi shayari

zindagi shayari

ज़िन्दगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में 

1 माह
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apni auokaat bhool jata hai

apni auokaat bhool jata hai

समंदर बड़ा होकर भी अपनी हदों में रहता है 

इन्सान छोटा होकर भी औकात भूल जाता है 

1 माह
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kaise kah doo mai

कैसे कह दूँ कि अब थक गया हूँ मैं 

न जाने घर में कितनों का हौसला हूँ मैं

1 माह
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pyar tabtak

प्यार तब तक रहता है जब तक की वजूद और मौजूद की बात हो-नहीं तो जरुरी और मज़बूरी रस्ते ही बदल देते है

1 माह
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diwar zindagi se

एक और ईंट गिर गई दीवार ए जिंदगी से 

नादान कह रहे हैं नया साल मुबारक हो

1 माह
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Fir mat kahna

रखा करो नजदीकियॉ.....
जिन्दगी का कुछ भरोसा नही....

फिर मत कहना....
चले भी गऐ और बताया भी नही....!

1 माह
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zindagi ki nayi shuruaat shayari

फूलों की शुरुआत कली से होती है;

जिंदगी की शुरुआत प्यार से होती है;

प्यार की शुरुआत अपनों से होती है;

और अपनों की शुरुआत आप से होती है!

2 माह
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