दो लाइन शायरी


do line shayari mujhe

mujhe ghamand tha

मुझे घमंड था की मेरे चाहने

वाले बहुत है इस दुनिया में,

बाद में पता चला की सब चाहते है

अपनी ज़रूरत के लिए.

do line shayari jhoom jate hai

jhoom jate hai

झूम जाते हैं शायरी के लफ्ज़ बहार के पत्तों की तरह,

जब शुरू होता है बयां ए हुस्न महबूब का मेरे.

do line shayari duniya

duniya me teri

दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे

सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे

do line shayari gazab ka zulm

gazab ka zulm

गजब का जुल्म ढाया खुदा ने हम दोनों के उपर 

मुझे भरपुर इस्क दे कर तुम्हें बेइन्तहा हुस्न दे कर 

 

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do line shayari tumhara

tumhara husn

तुम्हारा हुस्न आराइश.तुम्हारी सादगी जेवर,

तुम्हें कोई जरूरत ही नहीं बनने-संवरने की

 

do line shayari aaine

aaine me wo dekh rahe

आइने में वो देख रहे थे बहारे हुस्न आया मेरा ख़्याल तो शर्मा के रह गऐ

do line shayari ye husn

ye husn

ये हुस्न-ए-राज़ मुहब्बत छुपा रहा है कोई है अश्क आँखों में और मुस्कुरा रहा है कोई

do line shayari kuch accha hone pe

kuch accha hone pe

कुछ अच्छा होने पे जो इन्सान सबसे पहले याद आता है वो ज़िन्दगी का सबसे कीमती इन्सान होता है 

 

do line shayari maine wo khoya

maine wo khoya

मैंने वो खोया जो मेरा कभी था ही नहीं 

लेकिन तुमने वो खोया जो सिर्फ तुम्हारा था 

Sab teri mohabbat

सब तेरी मोहब्बत की इनायत है,

वरना मैं क्या मेरा दिल क्या मेरी शायरी क्या l