Dhoka Shayari


dhokha aur vishwas

dhokha aur vishwas

आपकी आँखे अक्सर वही लोग खोलते है- जिनपर आप आँखे बंद करके विश्वाश करते है

dhoka shayari hindi

dhoka shayari hindi

पल पल उसका साथ निभाते हम
एक इशारे पे दुनिया छोड़ जाते हम
समुन्द्र के बीच में पहुच कर फरेब किया उसने
वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम

dhoka shayari in hindi

dhoka shayari in hindi

टुटा हो दिल तो दुःख होता है
करके मोहब्बत किसी से ये दिल रोता है
दर्द का अहसास तो तब हो
और उसके दिल में कोई और होता है

dhoka deti hai

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक,

हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते

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janta tha wo dhoka

जानता था की वो धोखा देगी एक दिन पर चुप रहा क्यूंकि उसके धोखे में जी सकता हूँ पर उसके बिना नहीं 

dhoka bhi

धोखा भी बादाम की तरह है 

जितना खाओगे उतनी अक्ल आती है

 

dhokha khane lge hai log

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग

दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग

es kadar dhokha

मैंने खाया है चिरागों से इस कदर धोखा,

मै जल रहा हूँ सालों से मगर रौशनी नहीं होती

dhokha diya tha jab tune mujhe

धोखा दिया था जब तूने मुझे. 

जिंदगी से मैं नाराज था,

सोचा कि दिल से तुझे निकाल दूं. 

मगर कंबख्त दिल भी तेरे पास था

dhokha hi de dete

कुछ लोग इतने गरीब होते है की, 

देने के लिए कुछ नहीं होता तो धोखा दे देते है