Aansu Bhari Shayari

aansu bhari shayari

har baat bewafai ki kahani

तुम्हारी हर एक बात बेवफाई की कहानी है 

लेकिन तेरी हर साँस मेरी ज़िन्दगी की निशानी है 

तुम आज तक नहीं समझ सके मेरा पयार 

इसलिए मेरे आंसू भी तेरे लिए पानी है 

palko se gir ke aansoo

पलकों से गिरके आंसू रुक जाते तो अच्छा था 

तुम हमे याद ना करते तो अच्छा था 

टूटे दिल की फरयाद करे तो किससे करे 

मेरा दिल भी बदल जाता तो अच्छा था 

ro kar nahi dekha

बरसो गुजर गाए रो कर नहीं देखा 

आंखों में है नींद मगर सो के नहीं देखा 

वो क्या जाने दर्द मोहब्बत का 

जिसने कभी किसी का हो कर नहीं देखा 

darya wafaon ka kabhi rukta nahi

दरिया वफाओ का कभी रुकता नहीं 

मोहब्बत में इन्सान कभी झुकता नहीं 

खामूश है हम उनके ख़ुशी के खातिर 

वो समझते है की दिल हमारा दुखता  नहीं 

pyar me wo humko bewafa

प्यार में वो हमको बेपनाह कर गए 

फिर ज़िन्दगी में वो हमको तनहा कर गए 

चाहत थी उनके प्यार में फना होने की 

मगर वो लौट के आने को कर गए 

sah nahi paae

बहुत बिखरा बहुत टूटा मगर सह नहीं पाए 

हवाओं के इशारो पे मगर हम बह नहीं पाए 

अधुरा अनसुना ही रह गया प्यार का किस्सा 

कभी तुम सुन नहीं पाए कभी हम कह नहीं पाए 

aansu ko palko tak laya naa karo

आंसू को पलकों तक लाया मत करो 

दिल की बात किसी को बताया मत करो 

लोग मुट्ठी में नमक लिए फिरते है 

अपनी जख्म उन्हें दिखाया मत करो 

 

kahne wae kuch bhi kah jate hai

कहने वालो का कुछ नहीं जाता 

सहने वाले कमल करते है 

कौन दुढ़े जवाब दर्दो का 

लोग तो बस सवाल करते जाते है 

ek to ye raat uspe ye barsat

एक तो ये रात उसपर ये बरसात 

एक तो साथ नहीं तेरा उस पर दर्द बेहिसाब 

कितनी अजीब सी बात मेरे ही बसमे नहीं मेरे हालात 

Ahsan shayari

तकदीर लिखने वाले एक एहसान करदे,

मेरे दोस्त की तकदीर मे एक और मुस्कान लिख दे,

न मिले कभी जख्म उनको,

तू चाहे तो उसकी किस्मत मे मेरी जान लिख दे।