(success)

kyu itrata hai

वही करता और वही करवाता है ,

क्यू  बंदे  तू  इतराता  है ।

इक साँस भी नही है तेरे बस की ,

वही  सुलाता  और  जगाता  है

डूबा हुआ हूँ ना निकल पाऊँगा मैं कभी,

ख़ूबसूरत मुस्कुराहट और आँखों से तेरी.

1 week 3 Days ago
form Zindagi shayari

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